लॉकडाउन में पुलिस बर्बरता से पटना हाईकोर्ट नाराज
पटना। राज्य में कोरोना महामारी से बचाव एवं नियंत्रण पर मॉनिटरिंग करते हुए पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सख्त लहजे में आदेश दिया है कि लॉकडाउन के दौरान आम लोगों पर पुलिस द्वारा की गई बर्बरता गैर कानूनी है और इसपे जल्द लगाम लगाई जाए।
मुख्य न्यायाधीश संजय करोल एवं न्यायाधीश एस कुमार की खंडपीठ ने शिवानी कौशिक की लोकहित याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को यह भी निर्देश दिया है कि सूबे के तमाम अस्पताल में मरीजों एवं उनके अटेंडेंट के खिलाफ हो रहे दुर्व्यवहार पर फौरन लगाम लगाई जाए।
मंगलवार 27 मई को सुनवाई के दौरान पटना हाईकोर्ट के वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा ने अखबार मे प्रकाशित खबरों के हवाले से कोर्ट को जानकारी दी कि रोजाना लॉकडाउन के नाम पर कई जगह पुलिस बेवजह आम पब्लिक की बर्बरता से पिटाई करती है। पटना के चौक-चौराहे पर सुबह 6 से 10 बजे के बीच जब कर्फ्यू में ढिलाई रहती है तो दो पहिये वाहनों को अमूमन रोककर चेकिंग के बहाने पब्लिक को प्रताड़ित किया जाता है। यहां तक कि बेवजह बर्बर तरीके से पिटाई भी करने की शिकायत खबरों से मिलती है। हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि संबंधित अधिकारियों एवं पुलिस कर्मियों की ऐसी गैरकानूनी हरकतों पर रोक लगाएं। मामले की अगली सुनवाई 2 जून को होगी।
बता दें कि 26 मई को ही पटना जिला के पालीगंज में प्रशिक्षु डीएसपी राजीव सिंह ने बाजार में खरीदारी कर रहे पिता-पुत्र को जमकर पीटा था। इसके बाद घंटों उन्हें हाजत में बंद रखा था। पुत्र विकास दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी करता है। दिल्ली जाने से पूर्व वह पिता के साथ खरीदारी कर रहा था। पिटाई के कारण वह दिल्ली नहीं जा पाया। इसकी लिखित शिकायत पिता भूषण वर्मा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पालीगंज डीएसपी सहित कई वरीय अधिकारियों से की और कार्रवाई की मांग की है।
