तूफान यास ने किया जन-जीवन प्रभावित

पटना। कोसी-सीमांचल व पूर्व बिहार में यास तूफान का व्यापक असर दिखा है। गुरुवार से मौसम ने अपना मिजाज बदला और देर रात के बाद शुक्रवार सुबह भी कई जगहों पर पेड़ गिर गये, तो कई जगहों पर कच्चे मकान ध्वस्त हो गये हैं। पेड़ गिरने के कारण कुछ जगहों पर यातायात भी बाधित हुई हैं। सभी जिलों के कुछ प्रखंडों में ब्लैक आउट जैसी स्थिति नजर आयी।

  बांका के अमरपुर स्थित लौगाय गांव में तेज आंधी के कारण घर पर ताड़ का पेड़ गिर जाने से एक बच्ची की मौत हो गयी वहीं आंगन में खेल रही एक पांच वर्षीय बच्ची जख्मी हो गयी। दरभंगा, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर सहित कई जिलों में तूफान के कारण मौसम की मार जारी है। कई क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों से बिजली गायब है।
यास तूफान के प्रभाव से मुज़फ्फरपुर में 36 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। तेज हवा के कारण कई इलाकों में 24 घंटे से बिजली गायब है। कई जगहो पर बिजली की तार पर ही पेड़ गिर गए हैं। बिजली गायब रहने कई इलाकों में पेयजल संकट गहरा गया है। मुज़फ़्फ़रपुर में केले की खेती पर मौसम की मार पड़ी है।

    जिले के पहलादपुर गांव में केले के कई पेड़ आधी के कारण गिर गए। मधुबनी में तेज हवा के साथ गुरुवार से ही दिन भर हल्की बूंदा बांदी होती रही। बारिश के कारण अगात धान का बिचड़ा किसान नहीं गिरा पा रहे हैं। वहीं शुक्रवार को भी मौसम की मार जारी है। पंडौल में अस्पताल के समीप पेड़ गिर गया तो वहीं सीतामढ़ी के बेलसंड में चन्दौली बाजार के पास बिजली के तार पर पेड़ गिर गया है। मौसम का कहर लगातार जारी है। लोग अपने घरों में ही कैद हैं। बांका में भी मौसम ने मिजाज बदला है। रजौन प्रखंड में बारिश से मूंग उत्पादकों को भारी संख्या में नुकसान पहुंचा है। मधेपुरा सदर प्रखंड के भेलवा सहित आसपास के इलाके में तेज हवा और बारिश की वजह से आम और लीची को नुकसान हुआ है। सहरसा में फसल प्रभावित हुआ और बिजली आपूर्ति बाधित रही। पूर्णिया में सुबह से लेकर शाम तक आकाश में उमड़-घुमड़ कर बादल मंडराते रहे, तेज हवा के बीच बारिश होती रही।

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