गुजरात : वलसाड के लोगों ने खुद लगाया 10 दिन का लॉकडाउन

वलसाड । चीन से फैले कोविड.19 वायरस ने पूरी दुनिया में इस कदर हाहाकर मचाया कि भारत में हालात बेकाबू हो गए हैं। यहां रोजाना लाखों संक्रमित मरीज सामने आ रहे हैं। यही नहीं भारत में कोरोना से होने वाली मौतें भी सबसे ज्यादा हो रही हैं। सक्रिय मामलों की बात करें तो भारत दूसरे नंबर पर आता है। कोरोना संक्रमण पर रोक लगाने के लिए एक तरफ राज्य सरकारें साप्ताहिक लॉकडाउन लगा रही है तो वहीं अस्पतालों में भी बेडों की संख्या बढाई जा रही है।
गुजरात में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए वलसाड शहर के लोगों ने दस दिन तक खुद से लॉकडाउन लगाने का एलान कर दिया है। वलसाड के दुकानदारों और व्यापारियों के संगठन ने जिलाधिकारी आर आर रावल और भारतीय जनता पार्टी के विधायक भरत पटेल के साथ बैठक में इसका फैसला लिया गया।विदित हो कि सोमवार को वलसाड जिले में कोरोना के 71 नए मरीज सामने आए जिसमे से छह मरीजों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। वलसाड में कोरोना संक्रमित कुल मामलों की संख्या 2101 हो गई है और सरकारी और निजी अस्पतालों में 416 मरीजों का इलाज चल रहा है।
बता दें कि वलसाड में रविवार से दस दिन का लॉकडाउन लागू कर दिया गया और लॉकडाउन के एलान से पहले ही लोगों ने आवश्यक सामान बेचने वाली दुकानों के बाहर लंबी लाइनें लगा दीं। गुजरात में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने एक अप्रैल से किसी भी राज्य से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए आरटी-पीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट साथ लाना अनिवार्य कर दिया है। बाहरी राज्यों से आने वाले हर यात्री की गहन जांच की जा रही है। वहीं जिन लोगों के पास आरटी-पीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट नहीं है वो 800 रुपये का शुल्क देकर हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन और बस स्टॉप पर अपनी जांच करवा सकते हैं। राज्य में कोरोना के फैलते संक्रमण को देखते हुए पार्क और स्कूल को पहले से ही बंद किया जा चुका है।
