एससी/एसटी कल्याण समितियों के अध्यक्षों का सम्मेलन प्रारंभ

लोस अध्यक्ष ओेम बिरला ने किया दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन

भुवनेश्वर। अनुसूचित जातियों एवं जनजातियों के कल्याण, विकास और सशक्तिकरण में संसदीय एवं विधायी समितियों की भूमिका विषय पर ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में संसद एवं राज्य विधानसभाओं की अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों के कल्याण संबंधी समितियों के अध्यक्षों के दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन प्रारंभ हुआ। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने  शुक्रवार को सम्मेलन का उद्घाटन किया।
इस सम्मेलन में 120 से अधिक प्रतिनिधि एकत्रित हुए हैं जिनमें संसद तथा 19 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं की समितियों के अध्यक्ष और सदस्य शामिल हैं। सम्मेलन में संवैधानिक सुरक्षा उपायों को मजबूत करने, सामाजिक.आर्थिक विकास को बढ़ावा देने तथा अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों को सशक्त बनाने के लिए सर्वोत्तम विधियों को साझा करने पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसमें 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति के साथ-साथ कल्याणकारी नीतियों के कार्यान्वयन में जवाबदेही सुनिश्चित करने में संसदीय एवं राज्य विधानमंडल समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला जाएगा।
विदित हो कि अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों के कल्याण संबंधी समितियों के अध्यक्षों का पहला सम्मेलन 1976 में नई दिल्ली में आयोजित किया गया था। इसके बाद 1979, 1983, 1987 और 2001 में सम्मेलन आयोजित किये गये जिन्होंने अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों के लिए कल्याण एवं सांवैधानिक सुरक्षा के विविध पहलुओं पर मजबूत संवाद में महत्वपूर्ण योगदान दिया। यह पहली बार है जब दिल्ली के बाहर इस सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।

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