वाम कार्यकर्ताओं के मार्च पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज

पटना। नौकरी की मांग को लेकर पटना में वाम दलों से जुड़े छात्रों-युवाओं के विधानसभा मार्च पर पुलिसिया लाठीचार्ज से कई छात्र घायल हो गए।
बताया जाता है कि इस विधानसभा मार्च में एसएससी, टीईटी, दरोगा बहाली अभ्यार्थी सहित काफी संख्या में छात्र नौजवान शामिल थे। विधानसभा घेराव करने जा रहे छात्र युवाओं का यह मार्च जैसे ही जेपी गोलंबर मौर्या होटल के पास पहुंचा तो रास्ता रोके जाने पर लोग उग्र हो गए। बैरिकेड तोड़ आगे बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले छोड़े फिर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारी छात्र इसके बाद भी आगे जाने को अड़े रहे तब पुलिस ने लाठीचार्ज किया जिसमें कई छात्र घायल हो गए।
भाकपा माले ने कहा कि सरकार बिहार विधानसभा चुनाव में 19 लाख रोजगार के किये गये अपने वादे से पीछे भाग रही है। एनडीए सरकार के खिलाफ सोमवार को आइसा और इंकलाबी नौजवान सभा के विधानसभा मार्च पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है जिसकी निंदा पार्टी करती है। राज्य सचिव कुणाल और विधायक दल के नेता महबूब आलम ने कहा कि बिहार की सरकार दमनकारी हो गयी है। इन्होंने कहा कि सरकार को छात्र युवाओं के प्रतिनिधिमंडल से बुलाकर बात करनी चाहिए थी। विधायक संदीप सौरभ, अजित कुशवाहा, मनोज मंजिल, महानन्द सिंह, गोपाल रविदास और रामबली सिंह यादव मार्च के समर्थन में पहुंचे थे लेकिन उनके साथ भी प्रशासन ने बेहद अपमानजनक आचरण किया। बाद में घायलों से पीएमसीएच में मिलने विधायक वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता पहुंचे। उन्होंने सभी घायलों का हालचाल लिया और लड़ाई जारी रखने का आह्वान किया।
